Harendra Kumar
Wednesday, 29 August 2012
प्रेम की कल्पना
प्रेम विश्वास पे आधारित है
विश्वास प्रेम पे आधारित है
पर प्रेम है क्या ?
प्रेम दया
प्रेम उपकार
प्रेम विश्वास
प्रेम जीवन
प्रेम दोस्ती
प्रेम उपाशना
प्रेम कर्त्तव्य
प्रेम कर्म
प्रेम निश्छल है
और प्रेम क्या है ?
प्रेम ही तो प्रेम है .
प्रेम तो ईश्वर है.
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment